टीओआई, नई दिल्लीः बीते कुछ सालों में क्रिप्टो में लोगों ने जिस हिसाब से रिटर्न कमाए हैं उसे देखते हुए कौन इसमें निवेश करना नहीं चाहेगा। इतने बड़े पैमाने पर डिमांड आने के कारण क्रिप्टो के दाम भी अब आसमान छू रहे हैं। आलम ये हो गया है कि कई ऐसे निवेशक जो छोटी मोटी रमक के साथ क्रिप्टो में पहली बार निवेश करना चाहते हैं उनके पास ज्यादा विकल्प नहीं बचे हैं। अगर वे रिस्क लेकर पैसे लगा भी दें तो कीमतों में रोलरकोस्टर जैसे उतार चढ़ाव के लिए मशहूर क्रिप्टो में उनके पैसे डूबने का भी डर है। ऐसे लोगों के लिए सबसे बढ़िया ऑप्शन हैं स्टेबलकॉइन। नाम के मुताबिक इन कॉइंस की कीमत स्थिर रहती है। इन कॉइंस का भाव किसी करंसी (डॉलर, यूरो वगैरह) या कोई कमोडिटी (गोल्ड, सिल्वर वगैरह) जैसे फिक्स वैल्यू वाले एसेट के बराबर आंका जाता है। इसलिए इनकी कीमतों में अधिक उतार चढ़ाव की गुंजाइश नहीं रहती है। स्टेबलकॉइन तेजी से मनी ट्रांसफर, फाइनैंशल डेटा की प्राइवेसी और कम सर्विस फीस जैसे फायदे भी देता है। स्टेबलकॉइन की दुनिया में सबसे पॉपुलर नाम है टेथर का। इसे जुलाई 2014 में इसे रियलकॉइन के नाम से लॉन्च किया गया था। बाद में फरवरी 2015 में इसका नाम बदलकर टेथर कर दिया गया। टेथर को USDT में रिप्रजेंट किया जाता है। 1 USTD डॉलर के एक यूनिट के बराबर है। इसे अन्य क्रिप्टो की तरह हाई रिस्क वाले इनवेस्टमेंट ऑप्शन की तरह नहीं देखा जाता।
बिटकॉइन से इसकी तुलना कर टेथर को समझने की कोशिश करते हैं। टेथर में जब से ट्रेडिंग शुरू हुई है तब से इस कॉइन की कीमत 1 डॉलर की वैल्यू से ज्यादा नहीं हटी है। वहीं दूसरी तरफ, बिटकॉइन की वैल्यू 2019 में 4,000 डॉलर थी जो कि मई 2021 तक 60,000 डॉलर तक पहुंच गया था। आप खुद अंदाजा लगा सकते हैं टेथर अन्य क्रिप्टो के मुकाबले कितना स्थिर है। दरअसल टेथर को खासतौर पर बनाया ही इसलिए गए था ताकि करंसी और क्रिप्टोकरंसीज के बीच की खाई को भरा जा सके। अन्य क्रिप्टो की तरह यह भी ब्लॉकचेन तकनीक पर काम करती है। लेकिन वैल्यू असल करंसी की रखती है। लेकिन अगर आप सोच रहे हों कि इसकी वैल्यू डॉलर के बराबर है तो इसे डॉलर से एक्सचेंज कर सकते हैं तो ऐसा नहीं है। टेथर की वैल्यू सिर्फ डॉलर से तय की जाती है उसे डॉलर से बदला नहीं जा सकता है।