टीएनएन, नई दिल्लीः शेयरों की तरह ही क्रिप्टोकरंसी को भी झटपट ऐप से खरीदा जा सकता है। लेकिन दोनों ही असेट्स के बीच निवेश प्रक्रिया में कई बड़े अंतर हैं। क्रिप्टो पर, जब क्रिप्टो खरीदने के लिए बाय पर क्लिक करते हैं, तो जिस एक्सचेंज के पास आपका खाता है, वह आपके लिए एक मैच ढूंढेगा, सेलर से असेट की डिलीवरी लेगा और फिर इसे बायर की तरफ से अपने पास स्टोर करेगा।
एक्सचेंज के पास खुलवाना होगा खाता
वर्चुअल करंसीज में निवेश करने के लिए, आपको किसी क्रिप्टो एक्सचेंज के साथ एक खाता खोलना होगा। केवाईसी की जानकारी देनी होगी और उस एक्सचेंज के बैंक अकाउंट में रकम जमा करनी होगी। आप जब भी किसी करंसी को खरीदने का ऑर्डर देंगे एक्सचेंज उसी रकम का इस्तेमाल कर आपके ऑर्डर को पूरा करेगा। आप जब चाहें एक्सचेंज के पास खुले अकाउंट में जमा रकम को अपने असल खाते में ट्रांसफर कर सकते हैं। दरअसल स्टॉक एक्सचेंजों के उलट, क्रिप्टो एक्सचेंज डिपॉजिटरी और ब्रोकर की भूमिका निभाते हैं।
सभी एक्सचेंज का अपना तरीका है
क्रिप्टो एक्सचेंजों के पास क्रिप्टो को खरीदने या लिक्विडिटी रिस्क मैनेजमेंट करने के लिए एक समान तरीका नहीं है। आम तौर पर एक्सचेंज कोशिश करते हैं कि एक ही प्लैटफॉर्म के भीतर एक बायर और सेलर मिल जाए। ऐसा नहीं होता तो वह एक्सचेंज क्रिप्टो को बड़े एक्सचेंजों या संस्थानों से खरीदता है। यूजर ने जो क्रिप्टो खरीदे हैं उन्हें एक बीमाकृत वॉलेट में रखा जाता है। कुछ एक्सचेंज बायर को ही असेट की कस्टडी देते हैं।
किसके पास रहती है वॉलेट की चाबी
जिस वॉलेट में क्रिप्टो रखा होता है कि उसकी एक ' प्राइवेट की' होती है। कुछ एक्सचेंज इन चाभियों को सीधे खरीदार को सौंप देते हैं जबकि कुछ एक्सचेंज अपने पास ही ये चाबी रखते हैं। भारत में ज्यादातर एक्सचेंज सेंट्रलाइज्ड हैं यानी कि सभी निवेशकों की चाबी उनके पास ही होती है। एक्सचेंज के पास अथॉरिटी रहने से तेजी से लेनदेन हो पाता है। इसके अलावा सभी निवेशक चाबी को सुरक्षित रखने की जिम्मेदारी नहीं लेना चाहते क्योंकि एक बार चाबी भूलने या किसी गलत हाथों में लगने का मतलब है पूरे असेट से हाथ देना।
हैकिंग, डेटा सुरक्षा से जुड़ी चिंता
जानकार निवेशकों ने कहा कि वे डेटा सुरक्षा चिंताओं के कारण अपनी असेट की कस्टडी अपने पास ही रखना पसंद करते हैं और क्योंकि सेट्रलाइज्ड एक्सचेंज पर चोरी और हैकिंग का ज्यादा रिस्क हो सकता है। सेंट्रलाइज्ड एक्सचेंज उन लोगों के लिए ज्यादा फायदेमंद हैं जो कम टेक सैवी हैं।