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डिजिटल असेट में पैसे लगाने से पहले समझ लें क्या है क्रिप्टो कॉइन और क्रिप्टो टोकन में फर्क

Times of India
Written by

Times of India, Editorial

Published: Feb 25, 2022 02:03 PM

टीएनएन, नई दिल्लीः कई निवेशक अक्सर क्रिप्टो कॉइन को टोकन और क्रिप्टो टोकन को कॉइन कहने की भूल कर बैठते हैं। वैसे तो दोनों फंडामेंटली एक ही जैसे हैं लेकिन दोनों हैं अलग चीज। सभी क्रिप्टो कॉइंस को टोकन तो कहा जा सकता है लेकिन, सभी टोकन कॉइन की कैटिगरी में नहीं आते। दिलचस्प बात तो ये है कि कई यूजर्स को खुद नहीं मालूम होता कि वे क्रिप्टो टोकन खरीद रहे हैं या कॉइन। दोनों ही डिजिटल असेट हैं और दोनों का अपना यूजर बेस है। दरअसल दोनों के बीच प्रमुख अंतर उनकी यूटिलिटी का है यानी जिस मकसद से उन्हें बनाया गया है। कुछ ऐसे काम हैं जिनके लिए टोकन का इस्तेमाल किया जा सकता है। इसके उलट कुछ ऐसे प्लैटफॉर्म्स हैं जो कॉइन स्वीकार करते हैं लेकिन टोकन नहीं। दरअसल क्रिप्टो कॉइंस का अपना ब्लॉकचेन होता है। जबकि टोकन का अपना ब्लॉकचेन नहीं होता। उन्हें क्रिप्टो कॉइंस के मौजूदा ब्लॉकचेन पर ही बनाया जाता है। एक ब्लॉकचेन हजारों टोकंस को होस्ट कर सकता है। मिसाल के तौर पर ईथेरियम के ब्लॉकचेन पर मेकर, BAT, टेथर जैसे टोकन बनाए गए हैं। स्टेबलकॉइंस भी इसी कैटिगरी के अंदर आती हैं। जब कोई टोकन एक्सचेंज होता है तो वह असल में एक ओनर के पास से दूसरे के पास जाता है। नॉन फंजिबल टोकंस या एनएफटी इसका सबसे सही उदाहरण है। एनएफटी किसी ओनरशिप का सर्टिफिकेट होता है। इसलिए एनएफटी एक जगह से दूसरे जगह ट्रांसफर की जाती है। जबकि क्रिप्टो कॉइंस के मामले में ऐसा नहीं होता है। क्रिप्टो कॉइन से जुड़े किसी भी ट्रांजैक्शन पर सिर्फ आपका अकाउंट बैलेंस बदलता है और वह ट्रांजैक्शन ब्लॉकचेन पर दर्ज हो जाता है। यह बिल्कुल एक सामान्य बैंक ट्रांसफर के जैसा है। जहां किसी ट्रांजैक्शन पर असल में कोई रुपया या पैसा एक जगह से दूसरी जगह नहीं जाता बल्कि अकाउंट का बैलेंस बदलता है। एक और अंतर जो दोनों में है वो है उनके द्वारा दर्शाई जाने वाली वैल्यू का। एक निवेशक के लिए कॉइन और टोकन दोनों एक ही तरह काम करते हैं। दोनों एक खास मकसद को साधते हैं और उनकी कीमतें ग्रोथ और स्वीकार्यता के आधार पर बदलती रहती हैं। एक्स्पर्ट्स का मानना है कि कोई सामान खरीदने के लिए कॉइन सही हैं। लेकिन अगर किसी सर्विस का इस्तेमाल करना है तो वहां टोकन का इस्तेमाल किया जा सकता है। निवेश के लिहाज से देखें तो टोकन कॉइन से बेहतर विकल्प हैं। क्योंकि उन्हें किसी खास वजह से बनाया गया है और उनकी डिमांड इतनी जल्दी नहीं खत्म होने वाली। 

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