टीएनएन, नई दिल्लीः क्रिप्टोकरंसी में निवेश करने वालों या इसकी जानकारी रखने वाले लोग यकीनन एनएफटी से भी वाकिफ होंगे। दरअसल क्रिप्टो और एनएफटी दोनों के लिए ही ब्लॉकचेन टेक्नॉलजी का इस्तेमाल होता है। इसलिए क्रिप्टो में दिलचस्पी रखने वाले लोगों का ध्यान अब एनएफटी की ओर जा रहा है। हालांकि एनएफटी क्रिप्टो से काफी अलग है। ये एक नॉन फंजिबल टोकन है यानी इसे क्रिप्टोकरंसीज की तरह किसी अन्य करंसी से बदला नहीं जा सकता है। लॉकडाउन की वजह से भी डिजिटल आर्ट में बढ़ती दिलचस्पी से एनएफटी को हाल फिलहाल के समय में एक अलग ही पहचान मिली है। एनएफटी में ब्लॉकचेन का इस्तेमाल कर आर्ट, म्यूजिक, फिल्म, गेम्स जैसी चीजों को एक डिजिटल टोकन में बदल दिया जाता है। हर एनएफटी पर एनक्रिप्टेड लैंग्वेज में एक यूनिक कोड दर्ज होता है। जो उस आर्टपीस के मालिकाना हक मालिक की पुष्टि करता है। कई लोग एनएफटी को डिजिटल आर्ट समझ बैठते हैं। लेकिन ऐसा नहीं है, एनएफटी किसी डिजिटल पीस के लिए सर्टिफिकेट का काम करता है जो उस आर्ट पीस को ओरिजनल होने की मान्यता देता है। एनएफटी को आमतौर पर दूसरी सबसे बड़ी क्रिप्टोकरंसी एथेरियम के ब्लॉकचेन पर बनाया जाता है। हालांकि क्रिप्टो की तरह ही एनएफटी की ट्रेडिंग को अभी कानूनी मान्यता नहीं मिली है। कई जानी मानी शख्सियतों ने भी अपने आर्टपीस के एनएफटी की नीलामी की है। दरअसल किसी भी एनएफटी की कीमत फिक्स नहीं होती है। इसे ऐसे समझते हैं, जैसे नीलामी में किसी भी चीज के लिए जो सबसे ऊंची बोली लगाई जाती है उसे ही उसकी कीमत मान लिया जाता है। वैसे ही एनएफटी की प्राइस भी बायर पर ही निर्भर करती है। यानी जो बायर उस एनएफटी के लिए सबसे अधिक बोली लगाएगा वही उसकी कीमत हो जाएगी। इस वजह से कई निवेशक फायदा कमाने के लिए भी इसे खरीदते हैं। एनएफटी डिजिटल कंटेंट क्रिएटर्स और किसी आर्टपीस के मालिक को अपने काम को बेचने का मौका देती है। सबसे अच्छी बात की इसमें किसी बिचौलिए की जरूरत नहीं पड़ती। सेलर सीधे खरीदार से डील करता है। एक और अच्छी बात ये है कि जितनी बार भी कोई आर्टपीस किसी एक शख्स से दूसरे शख्स के पास जाएगा उससे होने वाली कमाई का एक हिस्सा हमेशा उसके पहले मालिक को भी मिलता रहेगा। चूंकि यह ब्लॉकचेन पर काम करता है इसलिए वेरिफाई भी किया जा सकता है।